तसवीरें बुलाती हैं मुझे कभी चाय पे तेरे साथ
मैं कहता हूँ गर्म तो वोह अश्क़ भी हैं जिन्हे रोज पिया करते हैं
कुछ और घोलकर पिलाओ तो बात हैं दावतनामे में !
मैं कहता हूँ गर्म तो वोह अश्क़ भी हैं जिन्हे रोज पिया करते हैं
कुछ और घोलकर पिलाओ तो बात हैं दावतनामे में !
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